ओडिशा में अस्पतालों में खुलेंगे आधार सुविधा केंद्र

आधार कार्ड रजिस्ट्रेशन के क्षेत्र में ओडिशा ने अच्छा प्रदर्शन किया है. पिछले दो महीने में ओडिशा इस मामले में 93% उपलब्धि हासिल कर चुका है. ये राष्ट्रीय औसत से भी आगे है. राष्ट्रीय औसत करीब 90% है. ओडिशा के मुख्य सचिव असित त्रिपाठी के मुताबिक राज्य ने अन्य सूचकांकों के मामले में भी अच्छी प्रगति की है.

ओडिशा सरकार ने मंगलवार को अस्पतालों और शहरी स्थानीय निकायों में भी आधार सुविधा केंद्र खोलने का फैसला किया. इससे जन्म प्रमाण पत्र जारी करते समय ही 12 अंकों वाली आधार पहचान को जारी किया जा सकेगा. ये फैसला मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय ‘यूनिक आइडेंटिफिकेशन इंप्लीमेंशन कमेटी’ की बैठक में लिया गया.

मुख्य सचिव त्रिपाठी ने नोडल एजेंसी OCAC (ओडिशा कम्प्यूटर एप्लीकेशन सेंटर) और संबंधित विभागों को  निर्देश दिए कि एनरोलमेंट के लिए आयुवर्गों के हिसाब से विशिष्ट रणनीति बनाई जाएं. साथ ही कहा कि आधार को लेकर ओडिशा को देश के टॉप 5 राज्यों में लाया जाए.

त्रिपाठी ने आधार जेनेरेशन के लिए 0-5 और 5-18 आयुवर्गों पर खास तौर पर फोकस रखने के लिए कहा. इस काम में आंगनवाड़ी केंद्रों और स्कूलों को सक्रिय रूप से हिस्सा लेने के लिए कहा गया है.

ओडिशा के आईटी सचिव मनोज मिश्रा ने कहा, “मंगलवार की बैठक में जन्म प्रमाणपत्र को आधार रजिस्ट्रेशन से लिंक करने का फैसला लिया गया. इस रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को शुरू करने के लिए जनवरी, 2020 का लक्ष्य रखा गया है.”

बैठक में खुलासा किया गया कि ओडिशा की 2019 में अनुमानित 4.58 करोड़ की आबादी में से 4.41 करोड़ आधार नंबर जेनरेट किए जा चुके हैं जो कि 93.1%  बैठता है. 0-5 आयु वर्ग में रजिस्ट्रेशन 46% ( कुल संख्या 18,26,038)  और 5-18 आयु वर्ग में 81% (कुल संख्या 95,87,186) है.

यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) के डिप्टी डायरेक्टर जनरल जी वेणुगोपाल रेड्डी ने ओडिशा में आधार रजिस्ट्रेशन का प्रतिशत राष्ट्रीय औसत से ऊपर रहने की तारीफ़ की. रेड्डी ने कहा, ‘अन्य सूचकांकों में भी ओडिशा की प्रगति तुलनात्मक तौर पर अच्छी रही है.’

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