जेट को उचित खरीदार नहीं मिला तो कर्जदाताओं को सिर्फ 10% रिकवरी के आसार

मुंबई. जेट एयरवेज को उचित खरीदार नहीं मिलने पर एयरलाइन के असेट्स की बिक्री से कर्जदाताओं को सिर्फ 10% रकम वापस मिलने के आसार हैं। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से गुरुवार को यह जानकारी दी। रिपोर्ट के मुताबिक फाइनेंशियल और ऑपरेशनल क्रेडिटर्स के जेट पर 30 हजार करोड़ रुपए बकाया हैं। एयरलाइन के विमान और जमीनें बेचनी पड़ीं तो कर्जदाताओं को सिर्फ 2 हजार करोड़ से 3 हजार करोड़ रुपए ही मिल पाएंगे।

जेट का संचालन अप्रैल में बंद हुआ, जून में कर्जदाता दिवालिया अदालत पहुंचे

रिपोर्ट के मुताबिक जेट एयरवेज के पास 4 से 6 बोइंग और एयरबस हैं। देश में कुछ अचल संपत्तियां हैं। इन संपत्तियों पर कुछ लोन भी बकाया है। नकदी संकट की वजह से अप्रैल में जेट एयरवेज का संचालन बंद हो गया था। कर्जदाताओं ने जून में दिवालिया कोर्ट में अर्जी दाखिल कर दी।

जेट को खरीदने के लिए सिर्फ 3 प्रस्ताव मिले

जेट एयरवेज के कर्जदाताओं की कमेटी ने दिवालिया प्रक्रिया के तहत एयरलाइन को खरीदने की बोली लगाने की समय सीमा 3 बार बढ़ाई थी। क्योंकि, सिर्फ 3 प्रस्ताव मिले थे। लेकिन, 31 अगस्त को आखिरी डेडलाइन तक कोई नया खरीदार आगे नहीं आया। दिवालिया अदालत द्वारा नियुक्त रेजोल्यूशन प्रोफेशनल का कहना है कि इस वक्त लिक्विडेशन नहीं बल्कि समाधान तलाशने पर फोकस है।

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